सम्भल। कल्कि नगरी संभल स्थित डी के रिसोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय काव्य संगम महोत्सव में संभल के शिक्षक साहित्यकार एवं कवि डॉ संदीप कुमार सचेत की तृतीय साहित्यिक कृति सुबह की धूप नामक कविता-संग्रह का समारोह पूर्वक विमोचन एक सौ सैंतीस कवि एवं साहित्यकारों की उपस्थिति में भव्य रूप में हुआ। पुस्तक पर विचार रखते हुए बहजोई के वरिष्ठ साहित्यकार दीपक गोस्वामी चिराग ने कहा कि डॉ०सचेत कि यह पुस्तक जीवन के कई सारे संवेदनशील पहलुओं को उजागर करती है और समाज पर अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहती है। संभल के प्रतिष्ठित व्यंग्यकार एवं स्पर्शी पत्रिका के संपादक अतुल कुमार शर्मा ने बताया कि सुबह की धूप काव्य-संग्रह में कई सारी रचनाएंँ, हमें मानवीय भावों की गहराई में ले जाती हैं तो कई रचनाएंँ समाज के आडंबरवाद व पाखंडवाद पर चोट करते हुए दिखाई देती हैं। साथ ही पंवासा के साहित्यकार ज्ञानप्रकाश उपाध्याय, रामपुर के शिव कुमार चंदन, राजवीर सिंह राज, बागपत के श्रीपाल ईदरीशपुरी, ने भी अपने संक्षिप्त विचार रखें।
कार्यक्रम में संभल के उपजिलाधिकारी रामानुज, हिन्दू जागृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा, अरुण अग्रवाल व अन्य साहित्यकारों के साथ-साथ परिवारजन मूर्ति देवी, प्रियंका सागर , अपूर्व रंजन, ओजस रंजन, मोहित,सुखदेव शर्मा, तीर्थ देव शर्मा सरल, विष्णु असावा, सुबोध गुप्ता, विकास वर्मा, सुभाष चंद्र शर्मा, शिवशंकर शर्मा, अमन सिंह, ज्वाला प्रसाद आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन आवरण अग्रवाल श्रेष्ठ एवं इशांत शर्मा ईशू ने संयुक्त रूप से किया।
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