नजीबाबाद। दोआबा साहित्य एवं कला अकादमी द्वारा डा.जवाहर धीर की अध्यक्षता में गत दिवस आर्य माडल सी.सै.स्कूल में विशेष आयोजन किया गया जिसमें हिंदी कवि दिलीप कुमार पाण्डेय की नव प्रकाशित पुस्तक "मैं समय हूं" पर विचार चर्चा पर विद्वानों रविन्द्र सिंह चोट,टी डी चावला ,डा.यश चोपड़ा,नीरू ग्रोवर और डा.जवाहर धीर ने अपने संबोधन में कहा कि इस पुस्तक की कविताएं न सिर्फ गम्भीर हैं बल्कि पढ़ने वालों को बहुत कुछ सोचने को विवश भी करती हैं। इन कविताओं में समय पर लिखी गई बहुत सी कविताएं समय के अच्छे-बुरे परिणामों पर चोट भी करती प्रतीत होती हैं। वक्ताओं ने कहा कि कवि को भविष्य में भी ऐसी कविताओं की रचना करते रहना चाहिए। रबिंद्र सिंह मुख्य वक्ता व सुप्रसिद्ध चिंतक और विश्लेषक, उन्होंने कहा समय मनुष्य की कमजोरी,उसका आंतरिक भय, उसकी बेबसी और उसके निरंतर चलने वाला संघर्ष है। कवि मनुष्य और समाज की समस्याओं बदलते परिप्रेक्ष्य में देखने की ईमानदार कोशिश यथार्थ में देखने की है।
आज की गंदी राजनीति और मनुष्य के दोहरे स्वभाव पर गहरा व्यंग्य किया है। पूर्व बैंक अधिकारी चारु दत्त सुधीर ने कविता सुनाई।
इस अवसर पर अकादमी की ओर से अध्यक्ष डा.जवाहर धीर,डा.यश चोपड़ा,टी. डी.चावला और अन्य सदस्यों ने दिलीप कुमार पाण्डेय को स्मृति चिन्ह भेंट करके सम्मानित भी किया तथा पुस्तक को लोकार्पित भी किया। इसके बाद उपस्थित कवियों सर्वश्री हरचरण भारती, सुखदेव सिंह गडवां,नीरु ग्रोवर पर्ल तथा दिलीप कुमार पाण्डेय ने कविताएं भी सुनाईं जबकि प्रसिद्ध गायक जतिंद्र गुप्ता ने शिवरात्रि पर भोलेनाथ को समर्पित गीत गाकर माहौल शिवमय बना दिया। लेखक कुलविंद्र सिंह ने सभी सदस्यों को मुबारकबाद दी।
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