विधानसभा घेराव से पहले कांग्रेस नेताओं को नजरबंद करने का आरोप, प्रदेश की राजनीति गरमाई
लखनऊ, 17 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रस्तावित विधानसभा घेराव कार्यक्रम से पहले राजनीतिक माहौल तेज हो गया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विरोध प्रदर्शन को रोकने के उद्देश्य से प्रशासन ने कई पदाधिकारियों को उनके घरों में नजरबंद कर दिया है।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, लखनऊ में आयोजित होने वाले इस घेराव का उद्देश्य मनरेगा मजदूरों से जुड़े मुद्दों तथा प्रदेश में कथित अनियोजित विकास और तोड़-फोड़ की घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाना था। पार्टी का दावा है कि 15 फरवरी की रात लगभग 11 बजे से पहले ही पुलिस ने विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों को उनके आवास पर रोक दिया, जिनमें संभल जिले के कुछ स्थानीय नेता भी शामिल बताए गए हैं।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि योगी आदित्यनाथ सरकार लोकतांत्रिक विरोध को दबाने के लिए पुलिस तंत्र का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई सरकार की “घबराहट” को दर्शाती है, जबकि कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उधर, प्रस्तावित प्रदर्शन में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह अपने विरोध कार्यक्रम जारी रखेगी।
समाचार लिखे जाने तक राज्य सरकार या प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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